Skip to main content

चमत्कारी मंत्र "ॐ नमः शिवाय"

                                                         "ॐ नमः शिवाय" 

                                                                   मंत्र

                         श्री रुद्रम् चमकम् और रुद्राष्टाध्यायी में "नमः शिवाय" मंत्र देवनागरी लिपि  मे इस रूप में प्रकट हुआ है  .......................
ॐ नमः शिवाय सबसे लोकप्रिय हिन्दू मन्त्रों में से एक है और भगवान शिव का महत्वपूर्ण मन्त्र है। नमः शिवाय का अर्थ "भगवान शिव को नमस्कार" या "उस मंगलकारी को प्रणाम!" है। इसे शिव पञ्चाक्षर मन्त्र या पञ्चाक्षर मन्त्र भी कहा जाता है, जिसका अर्थ "पाँच-अक्षर का मन्त्र" (ॐ को छोड़ कर) है। यह भगवान शिव को समर्पित है। यह मन्त्र श्री रुद्रम् चमकम् और रुद्राष्टाध्यायी में "न", "मः", "शि", "वा" और "य" के रूप में प्रकट हुआ है। श्री रुद्रम् चमकम् का अंश है और रुद्राष्टाध्यायी, शुक्ल यजुर्वेद का भाग है।
पञ्चाक्षर के रूप में 'नमः शिवाय' मंत्र का अध्ययन हम करेंगे ...
1.मन्त्र की उत्पत्ति
2.मन्त्र का विभिन्न परम्पराओं में अर्थ
3.मन्त्र की अलग-अलग शास्त्रों में उपस्थिति
4. उपयोग
5.प्रभाव
1-मन्त्र की उत्पत्ति:---
यह मन्त्र कृष्ण यजुर्वेद के भाग श्री रुद्रम् चमकम् में उपस्थित है। श्री रुद्रम् चमकम्, कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तिरीय संहिता की चौथी पुस्तक के दो अध्यायों  से मिल कर बना है। प्रत्येक अध्याय में ग्यारह स्तोत्र या भाग हैं। दोनों अध्यायों का नाम नमकम्  एवं चमकम्  है। ॐ नमः शिवाय मन्त्र बिना "ॐ" के नमकम् अध्याय के आठवे स्तोत्र  में 'नमः शिवाय च शिवतराय च' के रूप में उपस्थित है। इसका अर्थ है "शिव को नमस्कार, जो शुभ है और शिवतरा को नमस्कार जिनसे अधिक कोई शुभ नहीं है।

यह मन्त्र रुद्राष्टाध्यायी में भी उपस्थित है जो शुक्ल यजुर्वेद का भाग है। यह मन्त्र रुद्राष्टाध्यायी के पाँचवे अध्याय जिसे नमकम् कहते हैं के इकतालीसवे श्लोक में 'नमः शिवाय च शिवतराय च' के रूप में उपस्थित है।

2-इस मन्त्र का अलग अलग  परम्पराओं में निम्न अर्थ है ...........

नमः शिवाय का अर्थ "भगवान शिव को नमस्कार" या "उस मंगलकारी को प्रणाम!" है।

सिद्ध शैव और शैव सिद्धांत परम्परा जो शैव सम्प्रदाय का हिस्सा है, उनमें नमः शिवाय को भगवान शिव के पंच तत्त्व बोध और उनकी पाँच तत्वों पर सार्वभौमिक एकता को दर्शाता मानते हैं :

"न" ध्वनि पृथ्वी का प्रतिनिधित्व करता है
"मः" ध्वनि पानी का प्रतिनिधित्व करता है
"शि" ध्वनि अग्नि का प्रतिनिधित्व करता है
"वा" ध्वनि प्राणिक वायु का प्रतिनिधित्व करता है
"य" ध्वनि आकाश का प्रतिनिधित्व करता है
इसका कुल अर्थ है कि "सार्वभौमिक चेतना एक है"।


शैव सिद्धांत परम्परा में यह पाँच अक्षर इन निम्नलिखित का भी प्रतिनिधित्व करते हैं :

"न" ईश्वर की गुप्त रखने की शक्ति (तिरोधान शक्ति) का प्रतिनिधित्व करता है
"मः" संसार का प्रतिनिधित्व करता है
"शि" शिव का प्रतिनिधित्व करता है
"वा" उसका खुलासा करने वाली शक्ति (अनुग्रह शक्ति) का प्रतिनिधित्व करता है
"य" आत्मा का प्रतिनिधित्व करता है 

3-इस मन्त्र की अलग-अलग शास्त्रों में उपस्थिति
यह मन्त्र "न", "मः", "शि", "वा" और "य" के रूप में श्री रुद्रम् चमकम्, जो कृष्ण यजुर्वेद मे है अर्थात उसमे प्रकट हुआ है।
यह मन्त्र रुद्राष्टाध्यायी जो शुक्ल यजुर्वेद का हिस्सा है उसमे भी प्रकट हुआ है  ।
पूरा श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र इस मन्त्र के अर्थ हेतु समर्पित है ।
शिव पुराण के विद्येश्वर संहिता के अध्याय 1.2.10 और वायवीय संहिता के अध्याय 13 में 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र लिखा हुआ है

4-उपयोग
                यह मन्त्र के मौखिक या मानसिक रूप से दोहराया जाते समय मन में भगवान शिव की अनन्त व सर्वव्यापक उपस्थिति पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। परम्परागत रूप से इसे रुद्राक्ष माला पर 108 बार दोहराया जाता है। इसे जप योग कहा जाता है। इसे कोई भी गा या जप सकता है, परन्तु गुरु जब द्वारा मन्त्र को  दीक्षा के रूप मे दिया जाता है उसेके बाद इस मन्त्र का प्रभाव बढ़ जाता है। मन्त्र दीक्षा के पहले गुरु आमतौर पर कुछ अवधि के लिए अध्ययन करता है। मन्त्र दीक्षा प्रायः मन्दिर अनुष्ठान जैसे कि पूजा, जप, हवन, ध्यान और विभूति लगाने का भाग होता है। गुरु, मन्त्र को शिष्य के दाहिने कान में बोलतें हैं और कब और कैसे दोहराने की विधि होगी वह भी बताते हैं ।

5-प्रभाव
                  यह मन्त्र प्रार्थना, परमात्मा-प्रेम, दया, सत्य और परमसुख जैसे गुणों से जुड़ा हुआ है। सही ढंग से मन्त्र जप करने से यह मन को शान्त, आध्यात्मिक अन्तर्दृष्टि और ज्ञान लाता है । यह मंत्र  मनुष्य को  भगवान शिव के पास भी लाता है। परम्परागत रूप से, यह स्वीकार किया गया है कि इस मन्त्र में समस्त शारीरिक और मानसिक बीमारियों को दूर रखने के शक्तिशाली चिकित्सकी गुण हैं। इस मन्त्र के भावपूर्ण पाठ करने से मन को शान्ति और आत्मा को प्रसन्नता मिलती है। कई हिन्दू विद्वानों का मत है  कि इन पाँच अक्षरों का दोहराना शरीर के लिए साउण्ड थैरेपी और आत्मा के लिए अमृत के पान के समान है और मनुष्य इसका निरंतर जाप अपने मन की इच्छा पूर्ण कर सकता है ।  

Comments

Popular posts from this blog

महान कलाकार श्रीमान पंकज धीर का निधन (महाभारत के कर्ण) 🌺

  🌺 महान कलाकार श्रीमान पंकज धीर का निधन (महाभारत के कर्ण) 🌺 भारतीय टेलीविज़न इतिहास के स्वर्ण युग के एक उज्ज्वल सितारे श्रीमान पंकज धीर अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने 15 अक्टूबर 2025 को मुंबई में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी उम्र 68 वर्ष थी। B.R. चोपड़ा द्वारा निर्मित ऐतिहासिक धारावाहिक “महाभारत” में निभाया गया कर्ण का किरदार आज भी करोड़ों भारतीयों के दिलों में अमर है। उनका स्वर, उनकी आँखों का तेज, और अभिनय की गरिमा — सब मिलकर उन्हें “टेलीविज़न का कर्ण” बना गए। कर्ण के समान ही पंकज धीर का जीवन भी आत्मसम्मान और मर्यादा से भरा था। उन्होंने कभी लोकप्रियता के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनका अभिनय गहराई में उतरता था और संवादों में भावनाओं की आंच दिखती थी। 🎭 महाभारत के कर्ण से लेकर चंद्रकांता के शिवदत्त तक , उन्होंने हर किरदार को ऐसा जिया कि दर्शक उन्हें किरदार नहीं, बल्कि उस युग का व्यक्ति मानने लगे। उनकी बनाई “Abbhinnay Acting Academy” ने अनगिनत नए कलाकारों को अभिनय की कला सिखाई। वे मानते थे — “अभिनय सि...

मार्केट ज्ञान (शेयर बाजार अथवा स्टॉक मार्केट क्या है )

  अधिकतर स्टॉक मार्केट अथवा शेयर मार्केट की बात आते ही हमारे मन मे यह बात आती है की आखिर शेयर मार्केट अथवा स्टॉक मार्केट होता है और यहाँ पर कैसे कार्य कर सकते है आज हम बहुत ही सरल भाषा मे समझेंगे की शेयर मार्केट क्या होता है । बहुत ही कम कार्यवाही करके हम  ट्रैडिंग अर्थात dmat अकाउंट खोल सकते है जिसमे बहुत ही कम धनराशि की जरूरत पड़ती है | dmat account खोलने के लिए यहाँ क्लिक करें  जिस प्रकार से हम किसी मार्केट अथवा बाजार मे जाकर अपनी आवश्यकता का समान उस बाजार से खरीदते है उसी प्रकार ऐसा समझिए की यदि किसी कंपनी मे का शेयर हमे  खरीदना है तब हम नैशनल स्टॉक एक्सचेंज अथवा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज से उस कंपनी का शेयर खरीद सकते है ऐसा समझे की नैशनल स्टॉक एक्सचेंज अथवा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज एक प्रकार का बाजार है जहाँ पर कम्पनियों के  शेयर अथवा स्टॉक खरीदने अथवा बेचने का कार्य किया जाता है |और जिस प्रकार सामान्य बाजार मे यदि दुकान खोलनी है तो हमे दुकान का पंजीयन इत्यादि करवाने की आवश्यकता पड़ती है उसी प्रकार से यदि हमे शेयर मार्केट मे शेयर अथवा स्टॉक की खरीददारी अथवा बिकवाली ...

अपने देश मे मिला लिथीअम का बहुत बडा भंडार अब बाहर देश से नहीं खरीदना पड़ेगा

  जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले  में लगभग 59 लाख टन लिथियम मेटल का भंडार मिला है|  देश में पहली बार लीथियम का भंडार मिला है. जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने गुरुवार को यह जानकारी दी है  ऐसा पहली बार है जब देश में इतनी बड़ी तादाद में लीथियम मेटल  का भंडार मिला है. भारत लीथियम मेटल समेत प्रमुख मिनरल की सप्लाई चेन को मजबूत करने की कोशिश में लगा हुआ  है. दरअसल एलेक्ट्रॉनिक   व्हीकल और मोबाइल फोन की बैटरी तैयार करने में लीथियम मेटल का प्रयोग  होता है. लीथियम की मांग को पूरी करने के लिए अभी  तक भारत दूसरे देशों में पर निर्भर रहा है लेकिन अनुमान है कि लीथियम भंडार मिलने से देश को मदद मिलेगी और देश अब  इस दिशा में आत्मनिर्भर हो सकेगा. लीथियम मेटल का भंडार देश के जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में मिला है. जीएसआई ने अपने बयान में बताया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर (Northern Union Territory of Jammu and Kashmir) के रियासी जिले में लगभट 59 लाख टन लीथियम मेटल का भंडार मिला है. देश में लीथियम का भंडार मिलने से इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर और मो...